भाषा की मर्यादा और ‘कूल’ बनती गालियों का संकट
सितंबर 2026 प्रस्तावना जब अपशब्दों का प्रयोग ‘सभ्य और आधुनिक’ होने का प्रतीक बनने लगे, तो यह केवल भाषा का
सितंबर 2026 प्रस्तावना जब अपशब्दों का प्रयोग ‘सभ्य और आधुनिक’ होने का प्रतीक बनने लगे, तो यह केवल भाषा का
बबीता झा जून, 2026 एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक असुर की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे
साहित्य में बाज़ारवाद: धन का स्वरूप और नैतिक दायित्व Read Post »
बबीता झा मार्च 2026 जया च सुप्रभा चैव दक्षकन्ये सुमध्यमे। ते सुवातेअस्त्रशस्त्राणि शतम परमभास्वरम॥ (श्लोक 15, सर्ग 21, बालकांड, वाल्मीकि
प्राचीन परंपरा में स्त्री शक्ति: ज्ञान, आविष्कार और लोक-कल्याण की प्रेरणा Read Post »
बबीता झा दिसंबर, 2025 भगवान बुद्ध जब अपने शिष्यों को धर्म-प्रचार हेतु विभिन्न दिशाओं में भेज रहे थे, तब जाने
बबीता झा सितंबर, 2025 वाल्मीकि रामायण में एक अत्यंत सुंदर प्रसंग आता है। श्री हनुमान जी सीता जी की खोज
बबीता झा जून, 2025 महाभारत का एक अत्यंत प्रसिद्ध प्रसंग है—आचार्य द्रोण एवं पांचाल देश के राजा द्रुपद के संबंधों
मित्रता, अहंकार और प्रतिशोध: आचार्य द्रोण एवं राजा द्रुपद की कथा Read Post »
बबीता झा मार्च, 2025 प्राचीन समय की बात है। एक गाँव में चार मित्र रहते थे। वे चारों उच्च शिक्षा
पुस्तकीय ज्ञान, सहज विवेक और डिजिटल युग की चुनौतियाँ Read Post »
बबीता झा दिसंबर, 2024 एक नदी में बहुत सी मछलियाँ रहती थीं। उनमें तीन मछलियाँ आपस में बहुत गहरी मित्र
वृद्धावस्था की पूर्व-तैयारी और ‘दीर्घसूत्री’ का पाठ Read Post »
बबीता झा जून, 2024 श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ा एक अत्यंत प्रसिद्ध प्रसंग उनके बुआ के पुत्र (फुफेरे भाई) शिशुपाल
बबीता झा सितंबर, 2024 एक समय की बात है, एक व्यापारी का पुत्र अत्यंत कम आयु में ही व्यापार करने
भाषा का अस्तित्व, संस्कृति का संवर्धन और भाषाओं का क्षरण Read Post »
मार्च, 2024 बबीता झा एक पुरानी कथा है—एक दिन एक कवि मिठाई की दुकान पर बैठकर मिठाई खा रहा था।
मार्च, 2024 कहा जाता है कि जीवन में सफल होने के लिए आत्म-निरीक्षण एवं आत्म-परीक्षण बहुत आवश्यक है। कहावत है
दिसंबर, 2023 प्रिय पाठकों, नमस्कार! यह कथा सत्य है, काल्पनिक है या सांकेतिक—मुझे नहीं पता; किंतु सुना है कि हज़ारों
सितंबर, 2023बबीता झा हाल के दिनों में एक हॉलीवुड फ़िल्म बहुत चर्चित रही है— ‘ओपेनहाइमर’। आप लोगों ने इसका नाम
विध्वंस से उपजी सफलता और अंतर्द्वंद्व: ओपेनहाइमर और परशुराम Read Post »
एक असुर की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे सम्पदा और वैभव देना चाहा। लेकिन उस असुर ने यह