साँझ के दीप में आपका स्वागत है।
‘साँझ के दीप’ केवल एक वेबसाइट या पत्रिका नहीं, बल्कि साहित्य, कला और विचारों का एक ऐसा आत्मीय मंच है, जहाँ शब्दों की लौ से मन के कोनों को रोशन करने का प्रयास किया जाता है।
हमारी इस डिजिटल यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा, छंद, लय, कहानियाँ, विचार और लोक-धरोहर को पाठकों तक पहुँचाना है।
हमारा उद्देश्य:
- साहित्यिक अभिव्यक्ति: छंद, लय, और कथा-प्रवाह के माध्यम से कालजयी और आधुनिक रचनाओं को एक साथ लाना।
- किस्सागोई और धरोहर: पुरानी और नई कहानियों, संस्मरणों तथा सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजना।
- नए रचनाकारों को मंच: साहित्य प्रेमी पाठकों और लेखकों के बीच एक सेतु (Bridge) का काम करना।
“साँझ की बेला में जलता एक दीप जैसे अंधेरे को दूर कर शांति और प्रकाश फैलाता है, वैसे ही हमारी कोशिश है कि साहित्य के इस दीप से आपके जीवन में विचारों की सुंदरता बनी रहे।”
यह पत्रिका एक पंजीकृत एनजीओ ‘सेलिब्रेटिंग लाइफ फ़ाउंडेशन’ द्वारा प्रकाशित की जाती है। इस एनजीओ का मुख्य उद्देश्य है ‘गरिमामय वृद्धावस्था’ तदनुरूप इस पत्रिका का भी उद्देश्य ऐसे विचारों एवं प्रसार करना है जिससे जीवन की सभी अवस्था गरिमापूर्ण हो सकें।
संपादक एवं संस्थापिका: बबीता झा
ईमेल: sanjhkedeep@gmail.com
