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मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक और ‘उपन्यास सम्राट’

सितंबर 2026 बबीता झा प्रस्तावना हिंदी साहित्य के इतिहास में मुंशी प्रेमचंद का स्थान उस देदीप्यमान सूर्य के समान है,

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अमृता प्रीतम और उनकी मार्मिक पुकार ‘वारिसशाह नूँ’

सितंबर 2026 अमृता प्रीतम पंजाबी भाषा की एक प्रसिद्ध कवयित्री हैं। उन्हें पंजाबी भाषा की पहली अग्रणी कवयित्री, उपन्यासकार और

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महादेवी वर्मा: आधुनिक मीरा, छायावाद का प्रमुख स्तंभ और सशक्त नारी चेतना की संवाहक

बबीता झा मार्च 2026 “विस्तृत नभ का कोई कोना, मेरा न कभी अपना होना; परिचय इतना इतिहास यही, उमड़ी कल

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भीष्म साहनी का लेखन: संवेदना और यथार्थ का संगम

बबीता झा जून, 2025 एक निर्धन व्यक्ति से एक मुस्लिम व्यक्ति कहता है कि उसे ‘वेटरनरी डॉक्टर’ को देने के

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ग़ज़ल का ‘अंदाज़-ए-बयाँ’: उर्दू शायरी के अमर स्तंभ मिर्ज़ा ग़ालिब

बबीता झा दिसंबर, 2024 “रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल, जब आँख ही से न टपका तो फिर

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