चँदा मामा से बच्चों का नाता सदा।
सारे बच्चों को चँदा लुभाता सदा।
चाँद को बाल्टी में पकड़ता है वो।
चाँद छिपने पे माँ से झगड़ता है वो।
नन्हें हाथों से उसको बुलाता सदा।
सारे बच्चों को चँदा लुभाता सदा।
चँदा मामा से पूआ मँगाती है माँ।
अपने मुन्ने को गा-गा खिलाती है माँ।
लुकछिप चँदा दिखे खिलखिलाता सदा।
सारे बच्चों को चँदा लुभाता सदा।
नानी से वो सुना एक बुढ़िया वहाँ।
चँदा मामा उसे फिर छिपाता कहाँ।
इस पहेली को खुद सुलझाता सदा।
सारे बच्चों को चँदा लुभाता सदा।
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