दूसरों को ना खले तो ठीक है।

प्यार हो पर्दा तले तो ठीक है
साथ जीवन भर चले तो ठीक है।

है जरूरत आदमी को सैकड़ों
प्यार में सब कुछ फले तो ठीक है।

बात सपनों से बिगड़ती है यहाँ
एक-सा सपना पले तो ठीक है।

टूट कर बिखरी पड़ी नज़दीकियाँ
चल सके मिलकर गले तो ठीक है।

साफ-सुथरे आचरण हों प्यार के
दूसरों को ना खले तो ठीक है।
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