नारी तत्व
नारी से संसार है, नारी में संसार। नारी ही संसार है, नारी ही है प्यार।। सृष्टि में नारी तत्व महान्।
नारी से संसार है, नारी में संसार। नारी ही संसार है, नारी ही है प्यार।। सृष्टि में नारी तत्व महान्।
नदियों की संस्कृति अच्छी है। वह बहती है दो किनारों को साथ लेकर वो हमारे लिए तैयार करती जाती है
मातबर क़लम किसी आईना से कम नहीं होता। बेलाग चेहरा सत्ता का हमदम नहीं होता॥ शान से रखते हैं लोग