वरीय कोना

दिसम्बर, 2022

प्रश्न: कुछ दिन पहले मेरे पति को कॉल आया। जिसमें उनसे कुछ पूछा गया था। मेरे पति 72 वर्ष के हैं और मोबाइल का ज्यादा यूज करना उन्हें नहीं आता है। बेटे ने हाल में भी उन्हे ऑनलाइन बैंकिंग यूज करना सिखाया था। उनसे जो पूछा गया उन्होने बता दिया। बाद में पता चला कि उनके बैंक अकाउंट से 12 लाख रुपया निकल गया। बैंक वाले कह रहे हैं, हमारी गलती थी, वे कुछ नहीं कर सकते हैं। पुलिस भी कुछ नहीं कर रही है। छह महीने हो गए, हमारे पैसे नहीं मिले हैं। मुझे क्या करना चाहिए? (शकुंतला देवी, मधुबनी, बिहार)
उत्तर: इंटरनेट और मोबाइल के उपयोग से यद्यपि बहुत चीजें आसान हुई है लेकिन इनके प्रयोग में बहुत अधिक सावधानी की भी जरूरत होती है। अब युवा पीढ़ी के साथ-साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ लोग भी इन नए साधनों को अपना रहे हैं। यह अच्छी बात है। लेकिन वे साइबर अपराध के सॉफ्ट टार्गेट भी बन रहे हैं। कुछ सावधानी रखना बहुत ही जरूरी है। फोन पर बात करते समय या फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया पर चैट करते समय हमेशा ये याद रखें कि उस तरफ कौन है, आप नहीं जानते हैं। वह जो जानकारी दे रहा है, उसे आप वेरिफ़ाई नहीं कर सकते। वह जो आईडी और फोटो यूज कर रहा है, वह उसने खुद ही बनाया है, और फेक हो सकता है। इसलिए कभी उन पर विश्वास नहीं करें। कहते हैं न, सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
फिर भी अगर कोई अपराध आपके साथ हो जाए तो इस तरह इसकी कम्प्लेंट किया जा सकता है:
हेल्पलाइन नंबर 155260: यह हेल्पलाइन नंबर केन्द्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से दिया गया है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, छतीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध है, और कभी भी इन पर कॉल किया जा सकता है। लेकिन इनके अतिरिक्त अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ही उपलब्ध होती है। CyberCrime.gov.in पर हेल्पलाइन नंबर 1930 भी दिया गया है। इस पर भी कॉल किया जा सकता है।
CyberCrime.gov.in: ये नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का वेबसाइट है। इसे ओपन करते ही होम पेज पर “file complaint” का ऑप्शन दिखाई देगा। हेडर में home बटन के बाद “report women/child related crime और report other cyber crime का ऑप्शन मिलेगा। आप अपनी जरूरत के अनुरूप बटन को क्लिक कर अपने कम्प्लेंट फ़ाइल कर सकती हैं। कम्प्लेंट फ़ाइल करने के लिए आपको अपना user ID बना कर login करना होगा। इसके लिए आपको अपना एक मोबाइल नंबर भी देना पड़ेगा। इसी नंबर पर एक OTP आएगा। यह OTP डालने के बाद ही आप लॉगिन हो पाएँगी। कम्प्लेंट फ़ाइल करने के बाद आपके कम्प्लेंट के लिए एक यूनिक नंबर जेनेरेट होगा। इस नंबर को आप कहीं सेव कर लीजिएगा। इस वेबसाइट के द्वारा कम्प्लेंट करने का एक फायदा यह भी है कि आप यहाँ से यह यूनिक नंबर डाल कर अपने कम्प्लेंट के स्टेटस को यानि उस पर होने वाली कार्यवाई को भी जान सकती हैं।
पुलिस: आप अपने नजदीकी थाने में जाकर भी कम्प्लेंट दर्ज करा सकती हैं। हर जिले में साइबर क्राइम सेल होता है।
शकुंतला जी, अगर पुलिस आपके मामले में कार्यवाई नहीं कर रही है तो आप ऊपर के ऑफिसर के पास या सीधे कोर्ट में भी जा सकती हैं।
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