नौकरी एक निश्चित आय और कार्य देकर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। बहुत-सी नौकरियों में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का भी प्रावधान होता है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद की वृद्धावस्था का आनंद निश्चिंत होकर लिया जा सके। लेकिन ऐसी नौकरियों से एक निश्चित उम्र पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। सेवानिवृत्ति आयु के आधार पर होती है, स्वास्थ्य के आधार पर नहीं। अर्थात शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ और सक्षम कर्मचारी को भी सेवानिवृत्त होना पड़ता है। भले ही पेंशन मिल रही हो, लेकिन सेवानिवृत्त होकर घर में बेकार बैठना बुढ़ापे का एक अनचाहा अहसास दे देता है। इसलिए यदि आप शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम हैं, तो सेवानिवृत्ति के बाद भी कोई ऐसा कार्य कर सकते हैं जिससे आप व्यस्त भी रहेंगे और थोड़ा-बहुत उपार्जन (कमानी) भी कर सकेंगे।
वर्तमान में सेवानिवृत्ति के बाद फिर से नौकरी करने या कोई व्यवसाय करने का चलन हमारे देश में भी बढ़ रहा है, यद्यपि अभी भी यह पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत कम है। यहाँ सेवानिवृत्ति के बाद ज्यादातर ऐसे लोग ही उपार्जन के लिए कार्य करते हैं जो या तो बहुत पढ़े-लिखे हों, उच्च पदों पर रह चुके हों, या जिन्हें पैसों की सख्त जरूरत हो। लेकिन धीरे-धीरे इस दिशा में लोगों की रुचि बढ़ रही है, फिर भी अधिकांश लोग इसमें सफल नहीं हो पा रहे हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद व्यवसाय शुरू करने में की जाने वाली सामान्य गलतियाँ
पहले हम इस असफलता के कुछ कारणों की चर्चा करते हैं, फिर उपयुक्त व्यवसाय पर विचार करेंगे। सेवानिवृत्ति के बाद व्यवसाय शुरू करने वाले लोग सामान्यतः कुछ ऐसी गलतियाँ करते हैं जिनके कारण वे अपनी जमा पूँजी भी गँवा देते हैं। इस तरह की सामान्य गलतियाँ निम्नलिखित हैं:
1. नए और अननुभवी कार्य शुरू करना त्यागी जी एक कंपनी में मार्केटिंग से संबंधित पद पर थे। कंपनी सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि देती थी, लेकिन पेंशन नहीं। इसलिए उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर सेवानिवृत्ति के बाद मिले पैसों से एक दुकान खोलने का निश्चय किया। रिश्तेदार की यह बात उन्हें भी जँच गई कि दुकानदारी में केवल दुकान पर बैठना ही तो होता है; वह जहाँ से अपनी दुकान के लिए सामान लाता था, वहीं से उनके लिए भी ले आएगा। उन्होंने दुकान तो खोल ली, लेकिन उन्हें न तो इस कार्य का कोई अनुभव था और न ही रुचि। उनकी पत्नी कभी-कभी दुकान पर उनका हाथ बँटाने आ जाती थीं, लेकिन घुटनों के दर्द के कारण वे ज्यादा देर खड़ी नहीं रह पाती थीं। इसलिए उन्होंने एक लड़का रखा और पूरी दुकान उसी के भरोसे छोड़ दी। परिणाम यह हुआ कि जल्दी ही दुकान घाटे में जाने लगी और अंततः उसे बंद करना पड़ा।
त्यागी जी की तरह ही तिवारी जी ने भी सेवानिवृत्ति के पैसों से बटन बनाने की एक छोटी-सी फैक्टरी खोली, लेकिन वह भी अंततः घाटा देकर बंद हो गई।
बहुत-से लोग किसी अन्य को लाभ कमाते देखकर या किसी की सलाह पर कोई ऐसा व्यवसाय शुरू कर लेते हैं, जिसका उन्हें न तो अनुभव होता है और न ही उसमें रुचि। इसलिए यदि आप सेवानिवृत्ति के बाद कोई व्यवसाय करना चाहते हैं, तो उसके विषय में पहले से योजना बनाइए तथा आवश्यक जानकारी और अनुभव इकट्ठा कीजिए। जहाँ तक संभव हो, प्रयास करें कि आप जिस कार्य को वर्षों तक करते रहे हैं, उससे संबंधित कार्य ही करें, ताकि दूसरों पर निर्भरता कम-से-कम रहे।
इस उम्र में नौकरी के बजाय अपना व्यवसाय या स्वतंत्र कार्य करने का प्रयास करें। एक तो अधिक उम्र में नौकरी मिलना कठिन होता है, दूसरा यदि मिल भी जाए, तो उसकी अपनी कई पाबंदियाँ होती हैं। स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी-बहुत परेशानी होने पर नौकरी छूटने का भय रहता है। साथ ही, अपने से कम उम्र के अधिकारियों के तहत काम करने पर सामंजस्य बिठाने की समस्या भी आ सकती है।
2. अधिक जोखिम, अत्यधिक निवेश और शारीरिक परिश्रम वाला व्यवसाय चुनना भले ही आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हों, फिर भी शरीर की प्राकृतिक सीमाओं को न भूलें। अब कोई ऐसा व्यवसाय न अपनाएँ जिसमें हानि का जोखिम अधिक हो, कर्ज लेना पड़े, या आपको अपनी पूरी जमा पूँजी निवेश करनी पड़े।
साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आय भले ही कम हो, लेकिन शारीरिक परिश्रम अधिक न करना पड़े। जहाँ तक संभव हो, कार्यस्थल घर के आसपास ही रखें और काम अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चुनें। उदाहरण के लिए, यदि आपको घुटनों या हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या है, तो ऐसे कार्य करें जिन्हें बैठकर आसानी से किया जा सके।
3. कार्य संबंधी दस्तावेजों को पूर्ण और व्यवस्थित न रखना बंसल जी को शुरू से ही गाड़ियों का बहुत शौक था और उन्हें इसकी अच्छी जानकारी भी थी। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कई सेकंड-हैंड गाड़ियाँ खरीदीं और उन्हें किराए पर देने लगे। जब गाड़ियाँ अधिक पुरानी हो जातीं या ठीक स्थिति में नहीं रहतीं, तो वे उन्हें बेच देते थे। इसमें उन्हें अच्छा-खासा मुनाफा हो जाता था, इसलिए गाड़ियाँ खरीदते या बेचते समय वे सभी कागजात (जैसे बीमा के दस्तावेज़) अपने नाम ट्रांसफर नहीं करवाते थे।
शुरू में तो सब ठीक रहा, लेकिन जब कुछ गाड़ियाँ चोरी हो गईं और दुर्घटनाग्रस्त हुईं, तो उन्हें बीमा की रकम नहीं मिल सकी।
दस्तावेज़ संबंधी कमियों के कारण आपको या आपके उत्तराधिकारियों को कई तरह की अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दस्तावेज़ सही तरीके से बनवाएँ और उन्हें व्यवस्थित करके रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आसानी से मिल सकें।
सेवानिवृत्ति के बाद किए जाने वाले 10 सबसे उपयुक्त व्यवसाय
पश्चिमी देशों में इस संबंध में कई अध्ययन हुए हैं। करियर सलाह की एक अलग शाखा सेवानिवृत्ति के बाद के करियर से संबंधित होती है। कई लोग बाकायदा पेशेवर सलाहकारों से परामर्श लेकर नया करियर अपनाते हैं। अपने देश में भी कुछ लोग अब इस तरह से सोच-समझकर योजना बनाने लगे हैं। इन 10 कार्यों को सेवानिवृत्ति के बाद सबसे अच्छा करियर विकल्प माना जाने लगा है:
1. सलाहकार (Consultant/Coach) सलाहकार के अंतर्गत परामर्शदाता, व्यक्तिगत या व्यावसायिक कोच आदि विभिन्न प्रकार के कार्य आते हैं। इसमें आप अपने व्यापक अनुभव और ज्ञान के आधार पर दूसरों का मार्गदर्शन करते हैं; चाहे वह खेल हो, व्यक्तिगत फिटनेस, पारिवारिक समस्याएँ, शिक्षा या वित्तीय योजना आदि कुछ भी हो। सलाहकार के रूप में आप किसी संस्थान से भी जुड़ सकते हैं या निजी तौर पर स्वतंत्र (freelance) सलाहकार के रूप में कार्य कर सकते हैं।
2. लेखक (Writer) लेखन क्षेत्र में ब्लॉग लेखन, कंटेंट लेखन, रचनात्मक लेखन आदि कई विकल्प हैं, जिनमें से आप अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार चुनाव कर सकते हैं। बहुत सारे वरिष्ठ नागरिक इंटरनेट का उपयोग करने लगे हैं और वे यूट्यूब, वेबसाइट तथा ब्लॉग जैसे माध्यमों से घर बैठे उपार्जन भी कर रहे हैं।
3. शिक्षक (Teacher/Tutor) शिक्षित वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिक्षक के रूप में कार्य करना एक पारंपरिक, सम्मानजनक और बेहद लोकप्रिय विकल्प है।
4. ऑनलाइन मार्केटिंग इंटरनेट का प्रसार बढ़ने से बहुत-से कार्य अब घर बैठे किए जा सकते हैं। जरूरी सावधानियाँ रखते हुए कई तरह के ऑनलाइन व्यवसाय आसानी से संचालित किए जा सकते हैं।
5. बच्चों की देखभाल के लिए शिशु गृह (Daycare/Creche) खोलना पश्चिमी देशों में इस तरह का शिशु गृह खोलना तेजी से लोकप्रिय हो रहा है (वहाँ बच्चों के अलावा पालतू पशुओं के लिए भी ऐसे केंद्र खोले जा रहे हैं)। पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने के कारण इस तरह के व्यवसाय की माँग भारत में भी बढ़ रही है। निसंदेह बच्चों को संभालना शारीरिक रूप से थका देने वाला कार्य होता है, लेकिन ऐसे कार्य वरिष्ठ लोगों में मानसिक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। शारीरिक दौड़-भाग वाले कामों के लिए वे सहायक रख सकते हैं।
6. म्यूचुअल फंड में निवेश यद्यपि यह जोखिम भरा कार्य हो सकता है, लेकिन समुचित जानकारी और सावधानी से कम जोखिम वाले म्यूचुअल फंड में निवेश करके भी कुछ लोग अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
7. रिटेल (खुदरा) व्यवसाय इस कार्य के लिए अत्यधिक पढ़ा-लिखा होने की आवश्यकता नहीं है। यदि सामान्य गणित की थोड़ी-सी जानकारी और थोड़ा-सा अनुभव हो, तो अपनी पूँजी के अनुसार कोई छोटा खुदरा व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
8. स्वैच्छिक संगठन (NGO) से जुड़कर कार्य करना बहुत-से लोग सेवानिवृत्ति के बाद किसी एनजीओ (NGO) में स्वयंसेवक के रूप में कार्य करना पसंद करते हैं। इस कार्य से उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ-साथ आत्म-संतुष्टि भी मिलती है।
9. सोशल मीडिया से उपार्जन करना सोशल मीडिया आज अपनी बात रखने, अपने उत्पाद बेचने या विचार साझा करने का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। लगभग हर उम्र के लोग अब इसका उपयोग कर रहे हैं, इसलिए यह आय का एक बेहतरीन ज़रिया भी बन रहा है। इसमें कहीं आने-जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। थोड़ी-सी तकनीकी जानकारी और सावधानियों की जरूरत होती है, लेकिन इसमें अपार संभावनाएँ हैं।
10. नर्सरी खोलना बागवानी और पौधे उगाने का कार्य हर उम्र के लोग कर सकते हैं। शहरों में लोग गमलों, बाल्कनी और छतों पर पौधे लगाते हैं। इसलिए जिन्हें पेड़-पौधों में रुचि हो, वे अपने इस शौक को एक अच्छे व्यवसाय में बदल सकते हैं।
