सुना है बसंत आया है,
खबर ये सच है क्या?
मदनोत्सव, होली आई है,
खबर ये सच है क्या?
सुना है कोयल गाती है,
आमों पर मंजर आए हैं,
तितलियाँ भी मँडराती हैं,
खबर ये सच है क्या?
सुना है फूल खिलते हैं,
भँवरे खोलते कलियों के पट,
मोर भी नाचते हैं,
खबर ये सच है क्या?
सुना है आकाश नीला है,
तारे झिलमिलाते हैं,
जुगनू जगमगाते हैं,
खबर ये सच है क्या?
सुना पुरवाई बहती है,
नदी सुनाती है सरगम,
झरने गाते प्रेमराग,
खबर ये सच है क्या?
जाने गीत दब गए शोर में,
या कोयल ने गाना छोड़ दिया?
जाने हँसी छुप गई बोझ में,
या फूलों ने हँसना छोड़ दिया?
जाने मैं हूँ बेखबर,
या खबरें छुप गई हैं अब…
सुना है मंजर बदलेंगे,
खबर ये सच है क्या?
बबीता झा
24 मार्च, 2024
