भला-सा मुक़द्दर न हो

हमीद कानपुरी (अब्दुल हमीद इदरीसी)
सेवानिवृत वरिष्ठ प्रबन्धक,
पंजाब नेशनल बैंक, कानपुर

सितंबर, 2023

ग़म नहीं गर भला-सा मुक़द्दर न हो।
दिल के अन्दर मगर कोई भी डर न हो।
कितने ख़तरात हैं फायदा कुछ नहीं,
सर खुला हो अगर सर पे चादर न हो।
बस यही है ख़ुदा से मेरी इल्तिज़ा,
हुक्मरां अब कोई भी सितमगर न हो।
क्या करे जा ब जा गर न घूमे कहीं,


पास जिसके ज़मी पर कोई घर न हो।
सच कहे कौन ज़ालिम के तब सामने,
मुल्क में गर कोई भी सुख़नवर न हो।
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