आजादी

सितंबर, 2025

डॉ ममता श्रीवास्तव सरुनाथ


आओ आजादी का जश्न मनाएं
हर घर तिरंगा लहराएं


अमर शहीदों की गाथा
हर बालक को सुनाएं

तोड़ के सारी जंजीरें कुरीतियों की
उंच नीच का भेद मिटाएं
सबको गले लगाकर आओ
अपने पन का पाठ पढाएं
आजाद हिंद के वासी हैं
आजादी का मतलब
जन जन को समझाएं
आओ
आजादी का जश्न मनाएं

खेतों में हरियाली हो
हर चेहरे पर संतुष्टि की लाली हो
कोई भूखा ना सोने पाए
हाथों में सबके भोजन की थाली हो
ना हो धरा पर कोई उदास
हर आंगन में उम्मीदों का दीप जलायें
आओ
आजादी का जश्न मनाएं

बदहाली का जीवन जीती बूढ़ी माँ को
ढ़ांढ़स बंधाएं
जिसका लाल शहीद हुआ वतन पर
उसे गले लगाएं
देश प्रेम का अलख जगाएं
आओ
आजादी का जश्न मनाएं

एक बार गौर से अपने आस पास नजर दौडाएं
बीत रहा सडकों पर जो बचपन
उनको गले लगाकर
शिक्षा की एक ज्योत जलाएं
मानवता का पाठ पढाएं
आओ
आजादी का जश्न मनाएं
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