मार्च, 2023

हमारे जीवन का कुछ लक्ष्य होना चाहिए। प्रभु ने हमें इस धरती पर कुछ खास कारणों से भेजा है। हमारे प्रत्येक कार्य का एक निर्धारित उद्देश्य होना चाहिए। विशेष कर वृद्धावस्था के लिए।
वृद्धावस्था बड़ी नाजुक अवस्था होती है। अगर हमें उसे सफल बनाना हो तो हमें वृद्धावस्था को आने से पहले ही थोड़ा बारीकी पूर्ण सोचना पड़ता है। जैसे आर्थिक स्थिति, शारीरिक क्षमता और मानसिक शांति।
सुखी वृद्धावस्था के लिए पैंतालीस साल की आयु के बाद ही हमारी तबियत को संभाल लेना अति जरुरी है। नियमित रूप से स्वास्थ्य का परीक्षण करवा लेना चाहिए। ताकि बीपी, शुगर वगैरह हो तो हम उसे कंट्रोल कर सकें। मैं तो खुब तंदुरुस्त हूँ, मुझे तो कोई बिमारी हो ही नहीं सकती! ऐसा घमंड नहीं करना चाहिए। थोड़ी सावधानी रख कर हम हम बड़े-बड़े रोगों से बच सकते हैं।
वृद्धावस्था में आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहें इस लिए हमें हो सके तो युवावस्था से ही भविष्य के बारे में सोच कर हमारी कमाई का कुछ हिस्सा इस तरह निवेश करना चाहिए कि हमें प्रति माह कुछ शुल्क हाथ में आता रहें। वृद्धावस्था में आर्थिक स्थिति अच्छी होगी तो मानसिक शांति मिलती है।
सफल वृद्धावस्था के लिए उद्देश्य निश्चित होगा तो जीवन सरल रहता है। अगर हम तैयार नहीं हो और एक अचानक लगने लगे कि हम अब बूढ़े हो गए, हम अकेले हो गए और किसी को अब हमारी जरूरत नहीं रही, तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति भावनात्मक रूप से टूटने लगता है। लेकिन जो अपने हमउम्र लोगों के साथ थोड़ा संपर्क बनाए रखते हैं, सामाजिक रूप से सक्रिय होते हैं उम्र बढ्ने पर भी उनकी स्थिति अकेले लोगों से अच्छी रहती है।
इसलिए इससे पहले कि हम विवश होकर दूसरों पर निर्भर हो जाएँ, हमें उसके पहले अपने आप को थोड़ा संभाल लेना चाहिए। सुखी वृद्धावस्था के लिए निश्चित उद्देश्य अति आवश्यक है।
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