सितंबर, 2024

सहजनवाँ, गोरखपुर (उ.प्र.)
भारत संघ की सर्वमान्य, राजभाषा है हिंदी।
केवल संवैधानिक नहीं, गर्व की भाषा है हिंदी।
चौदह सितंबर राष्ट्रीय दिवस की हुई घोषणा,
दस जनवरी स्वाभिमान विश्व दिवस है हिंदी।
राष्ट्र के राज सिंहासन पर सुशोभित है हिंदी।
मातृ व संपर्क भाषा रूप में विराजती है हिंदी।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई को जोड़ने में,
एकता और भाईचारा का पाठ पढ़ाती है हिंदी।
भारत माता की बिंदी, बने जन-जन की हिंदी।
संस्कार की भाषा व कंप्यूटर की भाषा है हिंदी।
संस्कृत से समृद्ध हुई, उर्दू का मिला सहयोग,
पुरापाली एवं प्राकृत भाषा की धरोहर है हिंदी।
भारतीयों का गौरव गान व पहचान है हिंदी।
सर्व भाषाओं की बड़ी बहन या सिरमौर है हिंदी।
भारतीय संस्कृति व स्वाभिमान की है भाषा,
जन-जन की आवाज व शब्दों का भंडार है हिंदी
सर्वभाषाओं की बहन, भारत आत्मा है हिंदी
सूरीनाम, मारीशस, गुयाना की गाथा है हिंदी।
अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल की भाषा,
एशिया के मुख्य स्वरों में, सुर मिलती है हिंदी।
*****
