सितंबर, 2022

बेतिया, बिहार
आस्था में दम जहाँ है वह कहाता आदमी
स्नेह का सरगम जहाँ है वह कहाता आदमी।
आदमी भगवान का सबसे अनोखा रत्न है
आचरण हरदम जहाँ है वह कहाता आदमी।।
आदमी भगवान की संतान है
आदमी ही धर्म है ईमान है।।
आदमी के पास सारी शक्ति है
आदमी के पास सारी भक्ति है
आदमी के पास सारा ज्ञान है
आदमी सबसे अधिक गुणवान है।।आदमी ही धर्म…
आभूषण आदमी का प्यार है
आदमी में भाव का भंडार है
आदमी रस का सुहाना स्रोत है
आदमी ही रसिक है रसखान है।। आदमी ही धर्म…
आदमी आगार है आनंद का
आदमी टंकार है सुख छंद का
आदमी श्रृंगार है इस सृष्टि का
आदमी भगवान का अवदान है।। आदमी ही धर्म…
आदमी व्यवहार है संसार का
आदमी आदर्श है आचार का
आदमी पतवार है भव सिंधु का
आदमी सबसे अधिक बलवान है।। आदमी ही धर्म…
आदमी होता समय का दास है
डोलता रहता सदा विश्वास है
ठहर न पाता है मन उसका कहीं
बना रहता स्वयं से अनजान है।। आदमी ही धर्म…
है सभी सामर्थ्य पर रहता विकल
मोह माया से नहीं सकता निकल
दोष अपना देख ना पाता कभी
पालता मन में सदा अभिमान है। आदमी ही धर्म…
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