औरत! कभी अपने से मैं मुलाकात करो

savita syal
सविता स्याल
गुरुग्राम, हरियाणा

मार्च 2026

औरत! कभी अपने से भी मुलाकात करो
जानो अपने अस्तित्व को
औरों के अनुसार चली
सबका संबल बनी
फिर क्यों अबला कहलाई इसका विश्लेषण आज करो औरत कभी अपने से भी मुलाकात करो

रुको थोड़ा, सोचो ज़रा आखिर कौन हो तुम
केवल ‘भोग्या’ या ‘त्यागमूर्ति’ उठो पहचानो स्वयं को खुलकर मन की बात कहो तुम
औरत कभी अपने से भी मुलाकात करो

चुपचाप नदी सम बहती हो
सहती पर कुछ नहीं कहती हो
परिवार व समाज से कुछ
अपनी अपेक्षाओं की भी बात करो
औरत कभी अपने से भी मुलाकात करो
औरत कभी अपने से मैं मुलाकात करो।।
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