जून, 2026
एक बार एक व्यक्ति ने महान दार्शनिक सुकरात से पूछा कि “सफलता पाने का रहस्य क्या है?” सुकरात ने उस व्यक्ति को नदी के किनारे चलने को कहा। जब पानी गले तक पहुँच गया, तो सुकरात ने अचानक उस व्यक्ति का सिर पकड़कर पानी में डुबो दिया। वह व्यक्ति बाहर निकलने के लिए छटपटाने लगा। जब वह नीला पड़ने लगा, तो सुकरात ने उसे छोड़ दिया।
अब सुकरात ने उस व्यक्ति से पूछा, “जब तुम पानी के भीतर थे, तो आप क्या सोच रहे थे?” व्यक्ति ने जवाब दिया, “साँस के अलावा मुझे और कुछ याद नहीं था।’ सुकरात ने कहा ‘ठीक उसी तरह, जब तुम सफलता को पाने के लिए उतनी ही तीव्र इच्छा (तड़प) रखोगे, तो तुम्हें सफलता अवश्य मिल जाएगी।”
