जून, 2026
एक व्यक्ति को एक पेड़ के तने पर तितली का कोकून (खोल) दिखाई दिया। उसने देखा कि उसमें एक छोटा सा छेद बन गया था और तितली उस छोटे से छेद से बाहर निकलने के लिए बहुत संघर्ष कर रही थी।
काफी देर तक संघर्ष करने के बाद, ऐसा लगा जैसे वह थक गई और उसका आगे बढ़ना रुक गया। उस व्यक्ति को उस पर तरस आ गया और उसने कैंची से कोकून को थोड़ा बड़ा काट दिया। तितली बिना किसी संघर्ष के बाहर तो आ गई, लेकिन उसका शरीर सूजा हुआ था और उसके पंख सिकुड़े हुए थे। वह उड़ नहीं पाई।
उस व्यक्ति को यह समझ नहीं आया कि कोकून से बाहर निकलने का संघर्ष और तितली के पंखों का सिकुड़ना, प्रकृति की एक प्रक्रिया है। यह संघर्ष तितली के पंखों में रक्त संचार करता है और उसे उड़ान के लिए मजबूत बनाता है। जीवन में आने वाली चुनौतियाँ हमें कमजोर नहीं, बल्कि संघर्ष के जरिए मजबूत बनाती हैं।
