सितंबर 2026

संस्थापिका: मैथिली महिला मंच, जयपुर
इनके शब्द बहुत कम हैं,
पर भाव बहुत गहरे हैं;
बातें इनकी छोटी हैं,
पर रिश्ते इनके सहेजे हैं।
कभी इनकी एक Emoji,
पूरी बात कह देती है;
कभी इनके बिना कुछ कहे,
दिल सब बात समझ लेता है।
नई पीढ़ी की यह भाषा,
शायद थोड़ी अलग है;
पर शब्दों से परे भी,
उनका अपनापन वही है।
