मार्च, 2024

जीवन में लाने को इक नई बहार,
CLF आया है आपके द्वार,
बेशक जीवन की है ये दूसरी पारी,
आएगी मित्रों अब भी आपकी बारी,
सुन लो सीयलयफ के सब नर-नारी,
बेशक बुढ़ापा होता है भारी,
लेकिन हमने कभी न हिम्मत हारी,
जैसा भी हो जीवन करो इसका सत्कार,
सीयलयफ आया है आपके द्वार,
खुश होकर हमें हरदम है जीना,
गर्व से चौड़ा रहे सदा अपना सीना,
रोग -व्याधि से भी लड़ेंगे हम
अब भी नहीं हैं हम किसी से कम,
करेंगे साबित हर हाल में ये हम,
बही है अब आशा की इक बयार,
सीयलयफ आया है आपके द्वार
एक दूजे को देंगे हम हौसला,
सबको यहां संगी-साथी मिला,
न कोई अकेला यहाँ न ही कोई निराश,
मन में सबके जगी है इक आस,
हमीं करेंगे इक दूजे का लाड़-दुलार,
सीयलयफ आया है आपके द्वार
जीवन में लाने को नयी बहार
