
हे माँ दुर्गा, लाज रखना,
चरणों में अपने स्थान रखना।
जब भी डगमगाऊँ राहों में,
सिर पर अपना हाथ रखना॥
शैलपुत्री, शक्ति जगाना,
ब्रह्मचारिणी, भक्ति बढ़ाना।
चंद्रघंटा, भय दूर भगाना,
कूष्मांडा, ज्ञान-ज्योति जलाना॥
स्कंदमाता, ममता बरसाना,
कात्यायनी, साहस जगाना।
कालरात्रि, संकट हरना,
महागौरी, मन निर्मल करना॥
सिद्धिदात्री, सिद्धि दिलाना,
सूने मन में फूल खिलाना।
दुख में मेरा साथ निभाना,
गिर जाऊँ तो माँ, मुझे उठाना॥
न धन माँगूँ, न मान माँगूँ,
बस तेरा आशीष माँगूँ।
हर घर में सुख-शांति रहे,
हर मन में प्रेम की ज्योति जले॥
हे माँ दुर्गा, लाज रखना,
चरणों में अपने स्थान रखना।
जब तक साँसें चलती रहें,
मुझ पर अपनी कृपा रखना॥
जय माता दी! जय माँ दुर्गा!
