दिसंबर, 2022

सब कोई सुखी व स्वस्थ रहे
पाए जीवन में रोज नया उत्कर्ष,
गीत खुशी के गा-गाकर
मनायेँ अब के नव वर्ष।
देश में न हो कहीं भूखमरी,
कहीं कोई ना लुटे अबला नारी।
अब ना रहे कोई अत्याचारी,
दूर हो जाएँ सबकी लाचारी।
दूर हटे जीवन से बेरोजगारी,
अब तो मिट जाएँ क्लेश सारी।
माँ-बाप ना पड़े किसी को भारी,
बनें चारों ओर फूलों की क्यारी।
सब कोई तरोताजा रहे
करता रहे नित जीवन-संघर्ष,
नृत्य के ताल-ताल पर मनायेँ नव वर्ष।
