मार्च, 2024

जीवन पेड़ को सींचा हमने
कर्मों से नित फूल खिले।
अनुभव के फल देखकर हमने
नई पीढ़ी के दामन भरे।
जीवन पेड़ को सींचा हमने
पथ -पथ पर दे कर दिशा ज्ञान की
राह सुगम हम करते रहे।
हिम्मत से डटे रहने की सीख दे।
ढाल बनकर पीछे हम खड़े रहे।
जीवन पेड़ को सींचा हमने
वृद्ध अवस्था के इस बरगद पेड़ की
तुम शरण में आओ।
स्वर्णित अनुभवों से ज्ञान ले,
जीवन को सफल बनाओ।
वृद्ध समृद्ध के खजाने से अमूल्य धरोहर पाओ।
