मार्च, 2024

सुनो-सुनाओ हमको भैया,बातें प्यारी -प्यारी।
घर आंगन में नित-नित गूंजे, बच्चों की किलकारी।
हम छोटों पर रौब जमाना छोड़े।
अच्छी सेहत रहेगी भाई, थोड़ा भागें-दौड़े।
छोटे-मोटे कामों से दिन छू-मंतर होगा,
सबको ही अच्छे लगते हैं चलते-फिरते घोड़े।।
मन के सपने पूरे कर लो, छोड़ों नहीं उधारी।
सुनो-सुनाओ हमको भैया, बातें प्यारी-प्यारी।
