हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…

लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव
ग्राम-कैतहा, पो-भवानीपुर
बस्ती (उ.प्र.)


सितंबर, 2022

हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…
कभी मिले सफलता या यदि कभी मिले हार
पर जीतने की, कोशिश करता हूँ हर बार
तजता नहीं लड़ने का, अपना संकल्पित दृढ़ विचार
खुद पर करता हूँ, विश्वास और एतबार
हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…
मुझसे किसी को दुःख न पहुँचे, कोई न हो नाराज
अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध, उठाता हूँ आवाज
खुली किताब हूँ, नहीं रखता कोई राज
चाहता हूँ खुशहाल बने, हमारा घर परिवार व समाज
हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…
किसी के चेहरे पर पीड़ा न हो, बस! हो मुस्कान
सत्पथ पर चलता हूँ, नहीं छोड़ता ईमान
तन मन से करता हूँ, सत्य और श्रम का आह्वान
राष्ट्र के लिए जरूरत पड़े, तो हो जाऊँगा बलिदान
हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…
माता पिता की सेवा करूँ, उन्हें दूँ सम्मान
कोई नेक काम करे, तो करूँ उसका दिल से गुणगान
जन्मदात्री माँ व धरती माँ का, कभी न हो अपमान
हर कोई फले-फूले और प्रगतिशील रहे हिंदुस्तान
हाँ, मैं कोशिश करता हूँ…
कुछ ऐसा करूँ, कुछ ऐसा लिखूँ, जो बने यादगार
कटुता, वैमनस्यता व ईर्ष्या का, मन से करूँ संहार
निजस्वार्थ के लिए दूजे का, गला काटने को न रहूँ तैयार
वतन में चहुँओर हो खुशियाँ और महकता हो प्यार
हाँ, मैं कोशिश करता हूँ, सबका हो सुखी हो संसार
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