हिंदी भाषा: भारतीयता की भाषा


सितंबर, 2024

डॉ वर्षा सिंह

मातृभाषा है अपनी शान,
हिन्दी स्वीकार करें।
हिंदी हिन्द की है पहचान
हिंदी जयकार करें।

हिंदी को क्यों दुत्कारा है,
इंग्लिश को माई बाप कहा।
अपनों की इस गद्दारी को,
हिंदी ने बस चुपचाप सहा।।

पाए हिन्दी वतन में मान,
इसके सब घाव भरें।
हिंदी हिन्द की है पहचान,
हिंदी जयकार करें।।

संस्कृत भारत से लुप्त हुई,
हिंदी की हालत पस्त हुई।
ये वेद ग्रंथ की भाषाएँ,
अपने घर में अभिशप्त हुई।।
इन्हे पूरा दें हम सम्मान,
भाषा सत्कार करें।
हिंदी हिन्द की है पहचान,
हिंदी जयकार करें।।

इंग्लिश कच्ची जिनकी वो भी,
हिंदी को तुच्छ समझते हैं।
इंग्लिश में गिटपिट जो कर ले,
उसको ये ज्ञानी कहते हैं॥
नहीं हिन्दी का हो अपमान,
हिन्दी दमदार करें।
हिंदी हिन्द की है पहचान।
हिन्दी जयकार करें।।

एक दिन क्यों हिंदी का उत्सव,
हिन्दी व्यवहारिक बोली है।
रिश्तों में प्यार प्रगाढ़ करे,
हिन्दी से हँसी ठिठोली है।।
हिंदी भाषा हमारी शान,
इसे रोज़ प्यार करें।

हिंदी हिन्द की है पहचान,
हिंदी जयकार करें।।

दिनकर, बच्चन, माखन, मुंशी,
हिंदी को नभ तक ले जाएँ।
पद चिन्ह पे चल, इनके हम तुम,
हिंदी का झण्डा लहराएँ।
बसी हिन्दी में अपनी जान,
हिंदी विस्तार करें।
हिंदी हिन्द की है पहचान,
हिंदी जयकार करें।

हिंदी को मौलिक शुद्ध कहे,
हिंदी जग की महतारी है।
जैसा लिखते वैसा पढ़ते,
कंप्यूटर ने स्वीकारी है।
सुनो हिंदी का अब गुण गान,
सारा संसार करें।
हिंदी हिन्द की है पहचान,
हिंदी जयकार करें।।
*****

यह भी पढ़ें  वृद्धाश्रम

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top