
नवरात्रि में माँ, कृपा बनाए रखना
नवरात्रि की पावन बेला, जगमग हो माँ, जीवन मेरा।
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ, भक्ति का दीप हृदय में जलाऊँ।
लाल चुनरिया तुझको सजाऊँ, जयकारों से जग महकाऊँ।
हे दुर्गे माँ! इतना वर देना, हर पल अपना आशीष देना।
तेरे त्रिशूल से भय मिट जाए, तेरी शक्ति संकट हर जाए।
तेरी ज्योति राह दिखाए, तेरी कृपा हर सुख बरसाए।
न धन चाहूँ, न जग का मान, बस बना रहे तेरा ध्यान।
मैं तेरी बेटी, तू मेरी माँ, हर जन्म मिले तेरा वरदान।
जय माता दी! जय माँ दुर्गा!
