मार्च 2026

नालागढ़ हिमाचल प्रदेश
भारत निर्माण में महिलाओं ने
हर पहलू से खुद को संवारा है।
परत-दर-परत परदों से निकलकर।
अपनी पहचान को निखारा है।
भारत निर्माण में महिलाओं ने,
हर पहलू से खुद को संवारा है।
आसान नहीं था किताब उठाना।
घर की चार दीवारी से बाहर जाना।
हक की बात तो बहुत दूर की थी।
बहुत… … मुश्किल था।
वह भी इंसान है, यह एहसास दिलाना।
वह पूरक है दासी नहीं।
अपने लिए आवाज़ उठाना।
अपने लिए तय की गई सीमाओं को लांघकर।
अपने लिए अपनी पसंद का रास्ता बनाना।
भारत निर्माण में महिलाओं ने,
हर पहलू पर खुद को संवारा है।
युगों युगों तक ‘तय’ जीवन का आधार बन के रही।
त्याग स्वयं को कर एक मूक पत्थर-सी प्रतिमा बन कर रही।
समय साक्षी… …
जो धारा से उन्मुक्त होकर बही।
अनगिनत प्रश्नचिन्हों से सदा अपमानित रही।
लेकिन धीरे-धीरे ही सही।
वह आगे बढ़ती रही।
हर क्षेत्र में खुद को सक्षम उसने आज किया है।
शैक्षणिक, आर्थिक राजनीति तक,
सब कार्यों को सफल किया है।
घर और बाहर की जिम्मेदारी को,
बड़ी सहजता से अंगीकार किया है।
भारत माँ की इन बेटियों ने,
नये विश्व तक भारत का नित्य नव-निर्माण किया है।
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