जून, 2026
पुष्करराय जोषी
गुजरात हाउसिंग बोर्ड
कनकोट पटिया, कावेद रोड, राजकोट
वृद्ध की
धूंधली आँखों में
खुल रहा है
आनेवाले कल का
उज्जवल आकाश।
वृद्ध का
पोपला मुँह
चबा रहा है
स्मृति की मधुर केन्डी।
वृद्ध के
कांपते हाथ-पैर
खंगोलता है
खोया हुआ समय।
वृद्ध की
अचानक चुप्पी
यानी
चेतावनी
भयंकर सुनामी की।
वृद्ध
अब फैला रहे हैं
अपनी जड़ें
अनंत आकाश में।
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