चलते ही रहना चाहिए

मार्च, 2024

चलते ही रहना चाहिए
वक्त कैसा भी हो बस चलते ही रहना चाहिए

डॉ. मंजु रुस्तगी
चेन्नई, तमिलनाडु


हो कठिन चाहे डगर, बढ़ते ही रहना चाहिए
हो कठिन…
हारना फितरत नहीं, संघर्ष जीवन है तेरा
साँस की हर लय पे हो अब, आस का पहरा सदा
दौर हो कोई उमर का, पर्व मनना चाहिए
हो कठिन…
तय यही कि कर्म ही, परिचय बनेंगे तेरे बाद
नेकी का दीपक जलाकर, मन में भर सबके उजास
होठों से हरदम तेरे, अमृत बरसना चाहिए
हो कठिन…
बहती धारा है ये जीवन, बदले पल पल नियति
प्रेम का दरिया बहा, रुक ना तू खुद को दे गति
बच गया बाकी जो वो, उसको संवरना चाहिए
हो कठिन…

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