मार्च, 2024

जीवन की सुंदर बगिया में
हम बीज खुशी के बो देंगे,
फसलें झूमेंगी खुशियों की
हम हंसते हंसते रो देंगे!
एक दूजे से मिल के गले
सारी नफ़रत को मिटा देंगे,
निजता से ऊपर उठकर के
हम द्वार हृदय के खोलेंगे!
आशा के दीप जलाकर हम
सब दिलों की पीर मिटा देंगे,
उल्लास उमंग के छींटे से
हम सारे आंसू धो देंगे!
