सविता
गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
दिसंबर, 2023
बाबा की चिड़िया
बाबा की मैं चिड़िया
“सोन चिड़िया’
बोल मेरी माई
तेरा उड़ना मना।
बाबा से मैं कहती
आँगन का ये अंबर
देखना मैं चाहूँ
आखिर कितना बड़ा।
दादी मेरी सुनकर
ये है मुझे कहती
अंबर में बसा है
चील कौओं का डेरा
चोट न पहुंचाएँ तुझे
डरता मेरा मन है
इसीलिए लाडो मेरी
उड़ना मना है।
बाबा की मैं चिड़िया
सोन चिड़िया
बोले मेरा भाई तेरा
उड़ना मना
लोग मेरी सुनकर
ये हैं उसे कहते
असल में समाज ये
बहुत ही बुरा
रात के अंधेरे
में भारत के हानी पहुंचे
इसलिए चिड़िया तेरा
उड़ना मना
बाबा की चिड़िया सोन
सोन चिड़िया ओए मेरी
बोले मेरी तेरा उड़ना मना
बाबा सब की सुनकर
बड़े ही मुस्कुराए
और मुझ से कहते
कि तुम दुर्गा की रूप
डर को भगाना तुम
उड़ते ही जाना तुम
संग में तेरे मेरी
दुआएं अब रहेंगी।
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