दिसंबर, 2025

कुंज विहार कालोनी, सेंट्रल जेल रोड, सिकरौल, वाराणसी
चिढ़ और ग़ुस्से की अभिव्यक्ति
मधुर व्यंग्य की प्रविधियों में
नफ़रती तजुर्बों की अभिव्यक्ति
प्यार के शिल्प में
हिंसक अनुभवों की अभिव्यक्ति
अहिंसक रूपों में
अँधेरों की अभिव्यक्ति
उज्ज्वल शैलियों में
चाहती है
आज की कविता
बदलना होगा
पुराना रवैया
छन्दमुक्त हो या सवैया।
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