जीवन के रंगमंच पर (कविता)

vyagra pandey
व्यग्र पाण्डे (कवि/लेखक)
गंगापुर सिटी (राजस्थान)

जीवन के रंगमंच पर
अलग-अलग वय आईं
चली गई
अपना अपना
करतब दिखा के
अब अंतिम प्रस्तुति
में व्यस्त हैं
बुढ़ापा
खांसना – खंखारना
पड़े रहना रुग्ण-शैय्या पर
सहना दुत्कार
उपेक्षा का शिकार
दर्शकों की
दृष्टि में भार
सुबह होने से पहले
खत्म हो जायेंगे
सभी रंग
आखिरी अभिनय के
विभाजित पल समय के
जीवन के रंगमंच पर …

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