सितंबर 2026

राजिम, जिला- गरियाबंद (छत्तीसगढ़)
उछल ताल से मेंढक आया,
जोर-जोर से वह टर्राया।।
फुदक-फुदक सबके घर पहुँचा,
दरवाजे पर वह चिल्लाया।।
आओ सारे बच्चे बाहर,
हाथ पकड़ वह सबको लाया।।
लाया ताल किनारे सबको,
पत्थर देकर उन्हें बिठाया।।
बोला— देखो मौसम सुंदर,
बारिश का फिर भेद बताया।।
ताल-तलैया भरे लबालब,
डुबक-डुबक कर खूब हँसाया।।
कुछ बच्चों ने गाया गाना,
कोई अपना नाच दिखाया।।
रंग-बिरंगे देख नज़ारे,
सबका मन अब था हर्षाया।।
घर से बाहर प्यारी दुनिया,
समझ आज बच्चों को आया।।
मित्र बने फिर आपस में सब,
इक-दूजे को गले लगाया।।
