
जयपुर, राजस्थान
मार्च 2026
उज्ज्वल भारत के लिए हर मंच से ऐलान है,
पर घर की ‘उज्ज्वल’ रसोई में अब भी वही पुराना गान है।
नारी तुम शक्ति तुमसे ही देश महान है
पर चाय तुम्हीं बनाओ, ये कैसा सम्मान है?
पिक्चर में मुस्कुराती महिला भाषण में ऊँचा नाम,
पर मेज़ पे बैठने का अब भी नहीं है तुम्हारा काम।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ — नारा खूब सजाया है,
पर घर भी तो तुम्हें ही संभालना है, ये बार बार जताया है।
उज्ज्वल भारत के सपनों में थोड़ा झाड़ू भी लगाना है!
महिला दिवस पर फूल मिले, सेल्फी खूब सजाई,
अगले ही दिन फिर— ‘खाना, बर्तन, कपड़े, धुलाई!
दोनों हाथों से घर और दफ्तर की दुनिया थामे जाती है
सुबह से लेकर शाम तक बिना रुके चली जाती है।
उज्ज्वल भारत भी तभी होगा,
जब नारी का उजाला हर दिशा में होगा।
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