जून, 2026

गुरुग्राम, हरियाणा
हे शहीद! तुम आज भी जिंदा हो
मां की उदास नम आंखों में, पत्नी की मेहंदी मिटाते आंसुओं में
बच्चों के मासूम चेहरों में
दोस्तों के प्यार भरे दिलों में अपने देश की पावन मिट्टी में
अमर जवान ज्योति की
लौ में
भारत मां की मुस्कुराहट में
हर शहीद सदा अजर अमर है
देश की जयकार में गूंजता उसका स्वर है
देश की जयकार में गूंजता उसका स्वर है
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