जंगल

जून, 2026

मृदुल कुमार सिंह
मृदुल कुमार सिंह

मंगल-मंगल मंगल-मंगल
जंगल-जंगल जंगल-जंगल

छम-छम नाच रहा मोर बड़ा
टक-टक देख रहा हंस खड़ा
कुहू-कुहू कूक रही कोयल
जंगल-जंगल जंगल-जंगल

नदियों में खेल रही मछली
फूलों को चूम रही तितली
हिरणों का दौड़ रहा है दल
जंगल-जंगल जंगल-जंगल

हाथी घर में मद मस्त पड़ा
चीता बेठा है आंख गड़ा
सिहं घूम रहा पैदल-पैदल
जंगल-जंगल जंगल-जंगल

नहा रहा दरियाई घोड़ा,
भालू ढूंढ रहा मधु थोड़ा|
बंदर है कूद रहा पल- पल
जंगल-जंगल जंगल-जंगल
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