तोहफ़ा
सितंबर, 2023 डोरबेल बजे जा रही थी। रामसिंह भुनभुनाये “इस बुढ़ापे में यह डोरबेल भी बड़ी तकलीफ़ देती है।” दरवाज़ा
सितंबर, 2023बबीता झा एक और हिन्दी दिवस आया और चला गया। प्रतिवर्ष की भाँति लोगों ने हिन्दी की विशेषताओं का
हिन्दी दिवस की सार्थकता: उपलब्धियाँ और व्यावहारिक चुनौतियाँ Read Post »
सितंबर, 2023 कचौरी की स्टफिंग कई तरीके से बनाई जाती है। आज मूंग दाल भरी कचौरियां बनाते है। आवश्यक सामग्री
सितंबर, 2023 “कर्तव्य से यह तात्पर्य कदापि नहीं है कि कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षाओं को नष्ट कर ले और
औरों के साथ-साथ अनिवार्य है स्वयं का विकास भी (जीने की कला) Read Post »
सितंबर, 2023 26 नवंबर 1921 को वर्तमान केरल (जो उस समय मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आता था) के कालीकट यानी
श्वेत क्रांति के जनक: डॉ. वर्गीज़ कुरियन (प्रेरक व्यक्तित्व) Read Post »
सितंबर, 2023 अनेक विविधताओं से भरा भारत अपनी ‘अनेकता में एकता’ के लिए जाना जाता है। यही भावात्मक एकता देश
विचार संप्रेषण की आजादी (स्वतन्त्रता दिवस पर विशेष) Read Post »
सितंबर, 2023 आपके द्वारा प्रस्तुत यह देशप्रेम, सामाजिक दायित्व और ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के पंच-सूत्रों पर आधारित विस्तृत आलेख
राष्ट्र उत्थान के लिये संकल्पित होने का आह्वान (स्वतन्त्रता दिवस पर विशेष) Read Post »
सितंबर, 2023 अरे नहीं-नहीं… मैं यह बिल्कुल नहीं कहता कि पति-पत्नी आपस में लड़ें-झगड़ें नहीं! खूब बहस कीजिए, एक-दूसरे को
सितंबर, 2023बबीता झा जीवन का उत्सव: विदाई का एक सकारात्मक दृष्टिकोण जीवन का आरंभ जैसे हम उत्सव और उल्लास के
सितंबर, 2023बबीता झा इस दुनिया में सब कुछ परिवर्तनशील है— केवल एक अटल सत्य को छोड़कर, और वह सत्य है
सितंबर, 2023 मित्रों! जिंदगी की अनेक परिभाषाएं विभिन्न व्यक्तियों ने दी है। कोई कहता है “जीवन एक खेल है इसे
सितंबर, 2023बबीता झा हाल के दिनों में एक हॉलीवुड फ़िल्म बहुत चर्चित रही है— ‘ओपेनहाइमर’। आप लोगों ने इसका नाम
विध्वंस से उपजी सफलता और अंतर्द्वंद्व: ओपेनहाइमर और परशुराम Read Post »
जून, 2023 आधा कप चने की दाल से बनाए 1kg मोतीचूर लड्डू सामग्री ¨ चना दाल 1 कप (200 ग्राम)
जून, 2023 ये प्रेम कोई बाधा तो नहीं तुम आँचल समेटे कहती हो मैं मृदु बातों में उलझा ही क्यों
जून, 2023 सालों से जैसे जिया नहीं, जी भर के जीने को जी चाहता है! हसरत की पोर-पोर खुली रह
जून, 2023 हर एक जगह एक सा मंजर नहीं होता बाहर है जो अक्सर यहां अंदर नहीं होता क़ातिल कई
जून, 2023 दुनिया को समझाने वाले पहले ख़ुद को तो समझा ले लोग पुकारें कैसे तुझको कम-से-कम इक नाम रखा
जून, 2023 माँ हाँ रूप साकार मूर्तिकार जीव संचार संसार आधार अद्भुत चमत्कार स्तन क्षीर फुहार त्याग प्रेम दया विहार
जून, 2023 इश्क का गर सफीर हो जाता। नाम फिर मुल्कगीर हो जाता। जाने कब का अमीर हो जाता। बस
जून, 2023 चेहरे बुजुर्गों के फूल से खिल जाते हैं बच्चे जब मिलने चले आते हैं… यह सच कहते हुए
जून, 2023 सुख दुख जीवन के साथी है, इससे ना घबराओ जी। हिम्मत कर के आगे आओ, जीवन सफल बनाओ
जून, 2023 सब अपनो को पहचान लो भई !! हम अपनी सोसाइटी की शान हैं फूलों की मुस्कान है हमे
जून, 2023 शोभना ने अपना जीवन अपनी गृहस्थी के हवाले कर दिया था। सौ प्रतिशत का उसका यह प्रयास बेहतर
जून, 2023 शादी की तैयारी पुरी हो चुकी है। बारात द्वार पर आ गई है। सभी लोग इधर-उधर कर रहे
जून, 2023 “गुड़ी पड़वा” के दिन तिथियों वाला हिंदी कैलेंडर खुशी से फूला नहीं समा रहा था। वह कभी दाएं
जून, 2023 “लो दादाजी …ये आया….आया…एरोप्लेन, आपके पास, इस में बैठकर जल्दी आ जाओ मेरे घर” पाँच वर्षीय क्षितिज ने
जून, 2023 (लेखक परिचय: वरिष्ठ कवि, साहित्यकार। प्रकाशित रचनाएँ- काव्य संग्रह- कभी यूँ भी हो, भज गोविंदम अनेक कविताएं, गजल,
जून, 2023 (आत्मकथ्य- दादी नानी की कहानियाँ) एक चिड़ा और एक चिड़िया थी। दोनों बड़े प्रेम से साथ साथ रहते
जून, 2023 चीन में चांग ची नामक एक चीनी रईस रहता था। उस में एक बुरी आदत थी। वह हद
जून, 2023 [आत्मकथ्य: प्रस्तुत लोककथा प्रसिद्ध गुजराती लोककथाकार झवेरचंद जी मेघाणी जी के लोककथा संग्रह में से ली है। इसके
जून, 2023 (आत्मकथ्य- मैं पंजाब की लोक कथा प्रस्तुत कर रहा हूँ। प्रस्तुत लोक कथा स्वर्ण मंदिर (अमृतसर पंजाब) में
जून, 2023 (आत्मकथ्य- प्रबुद्ध पाठकों के ध्याननार्थ बता देना चाहता हूँ कि स्व० भागीरथजी कानोड़िया की लिखी एक लोककथा जो
जरा सी लापरवाही, पड़ जाती है बहुत ही भारी (लोक कथा) Read Post »
जून, 2023 नानी ने बच्चों को अपने पास बुलाया और अहिंसा का पाठ पढ़ाते हुए उन्हें एक लोककथा सुनाई जो
जून, 2023 किसी गाँव मे एक बहुत ही चतुर चोर रहता था। लोगों का कहना था कि वह आदमी की
जून, 2023 गरिया हाट के पास नंदूराय अकेला रहता था। गांववालों ने मिलकर उसे कुछ रुपये देकर उसका ब्याह करवा
जून, 2023 भक्त के मन में भगवान के प्रति सच्ची भक्ति हो, तभी यह कहावत सच होती है, “मन चंगा