छन्द और लय

बेलाग चेहरा सत्ता का हमदम नहीं होता

मातबर क़लम किसी आईना से कम नहीं होता। बेलाग चेहरा सत्ता का हमदम नहीं होता॥ शान से रखते हैं लोग

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छन्द और लय

काश! तुमने जीना सिखाया होता माँ

माँ प्यारी माँ! तुम मेरी प्रथम पाठशाला हो तुम्हीं मेरी आदर्श हो तुम्हीं मेरी गुरू हो सब कुछ तो मैने

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आलेख

बुजुर्गों में होने वाली सामान्य मनोवैज्ञानिक समस्याएँ

हम सब जब अपने जीवन-चक्र की एक अवस्था (स्टेज) से बढ़ते हुए दूसरी अवस्था में प्रवेश करते हैं, तब हमारे

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आलेख

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: विकास और महत्त्व

प्रतिवर्ष 8 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2022 के लिए इस दिन की थीम ‘Break The

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भेंटवार्ता: कुछ तुम कहो, कुछ हम कहें

भोजपुरी में रामायण के रचयिता पं0 व्रतराज दुबे ‘विकल’ से साक्षात्कार

चौरासी वर्ष की आयु में एक ऐसा साहित्यकार जिन्होंने भोजपुरी में ‘करुनाकर रामायन’ (करुणाकर रामायण) सहित भोजपुरी और हिन्दी में

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किताब कॉर्नर

आरंभ के दर्द को शिद्दत से अनुभव करती है मोहपाश

पुस्तक: मोहपाश लेखिका: डॉ शेफालिका वर्मा  समीक्षक: अनीता मिश्रा मोह पाश! मोह पाश! मोह पाश! दिल के सागर में भावों

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