लक्ष्मीपूजा (लघुकथा)
दिसंबर, 2023 धनतेरस का दिन था। ऐसा लग रहा था मानो, कार्तिक मास की काली रातों ने सच में रंजन
दिसंबर, 2023 धनतेरस का दिन था। ऐसा लग रहा था मानो, कार्तिक मास की काली रातों ने सच में रंजन
दिसंबर, 2023 “अपनी नाक कटवाने के बावजूद तुम्हें बात समझ नहीं आई। तुमने औरत होकर औरत का वजूद नहीं समझा।
दिसंबर, 2023 बबीता झा हाल ही में एक समाचार ने अनेक लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रसिद्ध मोटिवेशनल
दिसंबर, 2023 बबीता झा वर्तमान उत्तराखंड का एक पवित्र शहर ऋषिकेश और गंगा का सुरम्य तट—जहाँ एक युवक अत्यंत बेचैन
मिसाइलमैन ‘पीपुल्स प्रेसिडेंट’: डॉ अब्दुल कलाम (प्रेरक व्यक्तित्व) Read Post »
दिसंबर, 2023 हम अपने आसपास ऐसी अनेक वस्तुएँ देखते हैं जो हमारी दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुकी हैं, किंतु
वाशिंग मशीन: कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक सिद्धांत और उपयोग की सावधानियाँ(विज्ञान एवं तकनीक) Read Post »
दिसंबर, 2023 बीते कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बेहद ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
प्रदूषण में वृद्धि के लिए जिम्मेदार विभिन्न कारक (समसामयिक) Read Post »
दिसंबर, 2023 प्रत्येक शाम को हम कुछ अवकाश प्राप्त (भले ही नौकरी से हो या व्यवसाय से) दोस्त पार्क में
दिसंबर, 2023 जिंदगी जीने का शौक हमें भी है जनाब मगर यह नहीं हो पाता क्योंकि जिम्मेदारियां ज्यादा है बहुत
जिम्मेदारियाँ निभाने के बाद आई जिंदगी को जीने की बारी Read Post »
दिसंबर, 2023 “अब आप कितना काम करेंगे?” “आराम कीजिए। क्या जिंदगी भर काम ही करते रहेंगे?” ऐसा कहने वाले आपको
दिसंबर, 2023 यदि किसी घाटी अथवा किसी बड़े से कमरे में हम कुछ बोलते हैं तो वो आवाज वहाँ गूँजने
तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु अर्थात् मेरा मन शुभ संकल्प वाला हो (जीने की कला) Read Post »
दिसंबर, 2023 भारत प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक रूप से एक समृद्ध और सहिष्णु देश रहा है। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’,
दिसंबर, 2023 भारत विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक नींव पर खड़ा देश है। किंतु आज हमारे समाज का
दिसंबर, 2023 वर्तमान में गाँव तीव्र गति से शहरों में परिवर्तित हो रहे हैं और शहर महानगरों (मेट्रो सिटी) में।
दिसंबर, 2023 बबीता झा एक दिन एक वृद्धा न्यायालय के चक्कर लगाती हुई मिलीं। पूछने पर ज्ञात हुआ कि उनका
दिसंबर, 2023 बबीता झा कुछ दिन पूर्व मित्रों के साथ एक निःशुल्क वृद्धाश्रम जाने का सुअवसर मिला। यह एक ऐसा
दिसंबर, 2023 यह विषय वास्तव में अत्यंत गंभीर और परमावश्यक है। हम सभी को इस बात पर गहन चिंतन करने
कन्या पूजन और श्रवण कुमार के देश में वृद्धाश्रम! Read Post »
दिसंबर, 2023 मित्रों! घर के बड़े बुजुर्ग परिवार की धुरी माने जाते हैं परंतु यह देख, सुनकर दुःख होता है
दिसंबर, 2023 प्रिय पाठकों, नमस्कार! यह कथा सत्य है, काल्पनिक है या सांकेतिक—मुझे नहीं पता; किंतु सुना है कि हज़ारों
सितंबर, 2023 ये बहुत देर से जाना कि प्रेम में लौटना सिर्फ लौटना नहीं होता है बल्कि कहीं न कहीं,
सितंबर, 2023 भूख से व्याकुल कुत्ता बोला अपनी कुतिया से चलो प्रिया ढूंढे कहीं दूजा बसेरा भूख के मारे छा
सितंबर, 2023 1 सिर्फ़ वो मेरा नहीं है यह कभी सोचा नहीं है। दिख रहा है रास्ते-सा वो मगर रस्ता
सितंबर, 2023 बूढ़ी माँ करवा चौथ के दिन निहार रही थी बालकोनी से चुपचाप सामने पार्क की चहल पहल हंसी
सितंबर, 2023 मैं बहुत खुश हूँ अपने अक्षर/शब्द/वाक्य से क्योंकि इनकी संरचना ही मुझे पूर्णता प्रदान करती हैं, इसीलिए तो
सितंबर, 2023 हम भी हिन्दी तुम भी हिन्दी, हिन्दी अपनी पहचान है हिन्दी भाषा हिन्दी अभिलाषा हिन्दी से हिन्दुस्तान है।
सितंबर, 2023 जीवन को जीने की भी कला है विशेष मित्र, बिन घबराए तुम्हे इसे अब जीना है| थोड़ा सा
सितंबर, 2023 रिश्ते-नाते निभाइये तो सही ख़्वाब कोई बसाइये तो सही कोयला, हीरे में बदलता है बोल मीठे सुनाइये तो
सितंबर, 2023 मैं कहानीवाला हूँ। मैंने आज सोच लिया हिंदी एक किरदार है और अपनी किरदार से मिलने चला आया।
सितंबर, 2023 फिर हुआ आज मौसम सुहाना। आ गया बारिशों का जमाना भीगिए गाइए आज गाना॥ गातीं झर-झर फुहारें छतों
सितंबर, 2023 आज़ादी के परवानों को, याद हमेशा करना। स्वर्ग में बैठे उन वीरों को ठेस लगेगी वरना।। लड़ी लड़ाई
सितंबर, 2023 सत्य अहिंसा और धर्म, वीरों के जहां श्रृंगार रहे, त्याग प्रेम और पतिव्रत, स्त्री जाति का मान रहे।
सितंबर, 2023 ग़म नहीं गर भला-सा मुक़द्दर न हो। दिल के अन्दर मगर कोई भी डर न हो। कितने ख़तरात
सितंबर, 2023 अय जिंदगी! तुम्हारें बख़्शे हुए हर एक लम्हा। जश्न हैं इसलिए तुम हो जश्ने जिंदगी॥ किंतु अय जश्ने
सितंबर, 2023बबीता झा एक प्रोफेसर ने अपने छात्रों को एक प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होने पानी भरा हुआ गिलास
सितंबर, 2023 बनारस स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी। अपनी पंद्रह वर्षीय पुत्री के साथ कांता सेकंड एसी कोच से
सितंबर, 2023 बहुत पुरानी बात है। बोरसी नामक एक घना जंगल था। वन की दक्षिण दिशा में किरवई नदी बहती
सितंबर, 2023 आज दोपहर को जैसे ही छुट्टी की घंटी बजी, बच्चे प्रेयर स्थल में पंक्तिबद्ध खड़े हुए। एक-एक करके