छन्द और लय

तुम्हारा अपना मधुमास! (मधुमास का संदेश नारियों के नाम)

मार्च, 2024 कहां खोई? क्या ढूंढ रही? तुम किन बातों से टूट रही? खिलखिलाओ जैसे अमलतास! लो आ गया मैं,

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किस्सागोई

विगनेला गाँव की प्रेरक गाथा: जब ग्रामीणों ने बनाया अपना ‘कृत्रिम सूर्य’ (प्रेरक कहानी)

मार्च, 2024बबीता झा दुनिया में अनेक बड़े-बड़े वैज्ञानिक प्रयोग और आविष्कार हुए हैं तथा वर्तमान में भी कई विशाल वैज्ञानिक

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किस्सागोई

दुर्गाबाई देशमुख: संघर्ष, संकल्प और समाज सुधार की अमर गाथा (प्रेरक व्यक्तित्व)

मार्च, 2024 एक ऐसी महिला, जिनके बचपन में ही पिता का साया उठ गया, कम आयु में विवाह कर दिया

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आलेख

एयर कंडीशनर (AC): कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक सिद्धांत और देखरेख के उपाय (विज्ञान एवं तकनीक)

गर्मी की आहट के साथ ही बहुत से लोगों ने या तो एसी (AC) का उपयोग प्रारंभ कर दिया होगा

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किस्सागोई

पॉपकॉर्न माइंड: एक नई महामारी (सेहतनामा)

मार्च, 2024 क्यों चर्चा में है ‘पॉपकॉर्न माइंड’? मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आजकल एक शब्द अत्यंत चर्चा में है—‘पॉपकॉर्न

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आलेख

शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और प्रदर्शन की होड़ (समसामयिक)

मार्च, 2024 हमारे देश में शादी एक महत्वपूर्ण संस्कार है। कुछ समय पहले तक शादियां पूर्ण पारम्परिक तरीके से और

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आलेख

वृद्धावस्था की डगर कोमल मगर

मार्च, 2024 वृद्धावस्था एक धीरे-धीरे आने वाली अवस्था है जो कि स्वभाविक व प्राकृतिक घटना है। वृद्ध का शाब्दिक अर्थ

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संपादकीय

दृष्टिकोण, वसंत की अनुभूति और नारी शक्ति

मार्च, 2024 बबीता झा एक पुरानी कथा है—एक दिन एक कवि मिठाई की दुकान पर बैठकर मिठाई खा रहा था।

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किस्सागोई

अकेला ..थकेला…आरेला.. जारेला (व्यंग्य)

दिसंबर, 2023 राजनीति के रंग भी बहुत इन्द्रधनुषी हैं। मगर कभी घटाटोप अंधेरे में राग एकलवन्ती भी। यों लम्बी पारियों

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किस्सागोई

जिज्जी के परसाई (व्यंग्य)

दिसंबर, 2023 सत्तो जिज्जी और पत्तो जिज्जी आजकल नामी लेखिका बनी बैठी हैं। पत्तो जिज्जी तो ज्यादातर घर-गृहस्थी में व्यस्त

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