Author name: बबीता झा

आलेख

याददाश्त को ठीक बनाए रखने के लिए अनिवार्य है मानसिक सक्रियता (जीने की कला)

दिसंबर, 2024 कुछ लोग, विशेष रूप से बढ़ती उम्र में कहते हैं कि उनकी याददाश्त बड़ी ख़राब है और वे

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आलेख

स्वीट सिक्सटी: 60 की उम्र के लिए मेरी तैयारी

दिसंबर, 2024 “हो ग‌ए हम साठ के तो क्या हुआ दिल तो बच्चा ही हमारा है अभी” जिस प्रकार हमने

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आलेख

60 की उम्र के बाद मेरी तैयारी

दिसंबर, 2024 हम सभी बाल्यावस्था, शैशवावस्था, प्रौढ़ अवस्था और वृद्धावस्था में प्रवेश करते हैं। किंतु पता नहीं जब तरुणाई की

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संपादकीय

वृद्धावस्था की पूर्व-तैयारी और ‘दीर्घसूत्री’ का पाठ

बबीता झा दिसंबर, 2024 एक नदी में बहुत सी मछलियाँ रहती थीं। उनमें तीन मछलियाँ आपस में बहुत गहरी मित्र

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किस्सागोई

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’: ओज, वीरता और राष्ट्रीय चेतना के अमर ध्वजवाहक (हमारे साहित्यकार)

बबीता झा सितंबर, 2024 “याचना नहीं, अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा। जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हाँ,

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किस्सागोई

सुकरात: जिन्होने मृत्यु का भी हर्ष से स्वागत किया। (प्रेरक व्यक्तित्व)

सितंबर, 2024बबीता झा लगभग 500 सदस्यों की एक विशेष जूरी ने एक ऐतिहासिक मुकदमे पर विचार किया और अभियुक्त को

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किस्सागोई

जो होता है अच्छे के लिए होता है! (प्रेरक कहानी)

बबीता झा सितंबर, 2024 एक समय की बात है, एक समुद्री जहाज़ भयंकर तूफ़ान में फँस गया। कप्तान के अनगिनत

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छन्द और लय

हिंदी भाषा: भारतीयता की भाषा

सितंबर, 2024 मातृभाषा है अपनी शान, हिन्दी स्वीकार करें। हिंदी हिन्द की है पहचान हिंदी जयकार करें। हिंदी को क्यों

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आलेख

श्राद्ध से भी ज़रूरी है वृद्धजनों का उचित सम्मान और उनकी पर्याप्त देखभाल

सितंबर, 2024 अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान अथवा आभार प्रकट करने का एक तरीक़ा है श्राद्ध। निस्संदेह हमें उनका

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