छन्द और लय

शहीदों पर पिरामिड कविता

सितंबर, 2025 1. रामदुलारे त्रिवेदी ये महा नायक सकर्मक खादी धारक संघर्ष कारक परिवार पोषक राष्ट्रवाद संचारक स्वातंत्र्य बिगुल वादक

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आलेख

रोगों के निदान व उपचार की तरह ही ज़रूरी है समस्याओं के निदान के पश्चात ही उनका निराकरण

सीताराम गुप्ता पीतमपुरा, दिल्ली सितंबर, 2025 जब भी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो वह सीधे डॉक्टर के पास जाता

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आलेख

शरीर में आयरन की कमी: लक्षण और उपचार

सितंबर, 2025 बबीता झा विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में लगभग दो अरब लोग एनीमिया से पीड़ित हैं।

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आलेख

वैश्विक भाषा बनने की ओर अग्रसर हिंदी

सितंबर, 2025 भारत जो कभी सोने की चिड़िया कहलाता था, अपने ऐतिहासिक महत्व, व्यापारिक प्रसार, भौतिक संपन्नता और दार्शनिक संपदा

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आलेख

बहुभाषी देश में हिन्दी की स्थिति

सितंबर, 2025 भारत को यदि “भाषाओं का उद्यान” कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां की विविधता केवल संस्कृति,

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संपादकीय

भाषा: संवहन का पात्र या अस्मिता का प्रतीक?

बबीता झा सितंबर, 2025 वाल्मीकि रामायण में एक अत्यंत सुंदर प्रसंग आता है। श्री हनुमान जी सीता जी की खोज

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किस्सागोई

भीष्म साहनी का लेखन: संवेदना और यथार्थ का संगम

बबीता झा जून, 2025 एक निर्धन व्यक्ति से एक मुस्लिम व्यक्ति कहता है कि उसे ‘वेटरनरी डॉक्टर’ को देने के

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किस्सागोई

फ्लोरेंस नाइटिंगेल: आधुनिक नर्सिंग एवं सांख्यिकी की मशाल (प्रेरक व्यक्तित्व)

बबीता झा जून, 2025 बात वर्ष 1837 की है। इटली के फ्लोरेंस नगर में इन्फ्लूएंजा (Influenza) की भीषण महामारी फैली

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आलेख

बढ़ती उम्र में बुज़ुर्गों को बचाएँ बोन फ्रेक्चर से

जून, 2025 वृद्धावस्था में प्रायः शरीर में लोच कम हो जाती है और हड्डियाँ भी अपेक्षाकृत कमज़ोर और भंगुर हो

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आलेख

हे स्त्री! ये तो तुम्हारी प्रकृति नहीं

जून, 2025 पिछले दिनों भारतीय समाज में अलग ही उथल पुथल मची, जो स्त्री जननी, प्रेयसी, सहचरी और बहन के

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आलेख

समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियां: कारण और निवारण

जून, 2025 वर्तमान समय में अगर भारतीय समाज के बदलते स्वरूप पर दृष्टिपात करें तो पाएंगे कि समाज में हो

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आलेख

समाज में हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति: कारण एवं निवारण

जून, 2025 प्रस्तावना वर्तमान समय में हिंसा एक विकराल सामाजिक समस्या बन चुकी है। समाज के प्रत्येक स्तर — चाहे

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आलेख

समाज में बढ़ती हिंसा: कारण और निवारण

जून, 2025 मानव समाज और हिंसा के पहलूओं पर विचार करें तो समाजशास्त्र की पुस्तक खोलते ही, जो पंक्ति सबसे

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आलेख

बच्चों और बड़ों में हिंसा की बढ़ती प्रवृति

जून, 2025 वर्तमान में हिंसा के कुछ प्रमुख कारण हैं: घोर स्वार्थ, लोभ, लालच हिंसा के प्रमुख कारक इस आपाधापी

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