ये ढ़हते किले ये उपेक्षित किले
दिसंबर, 2022 ये तन का किला भी अब ढ़हने लगा है उस किले की भाँति जो दूर सुनसान में खड़ा
दिसंबर, 2022 ये तन का किला भी अब ढ़हने लगा है उस किले की भाँति जो दूर सुनसान में खड़ा
दिसंबर, 2022 पीढ़ियाँ कुनमुनाती हैं। नयों को देखकर पुराने जेनेरेशन गैप में पुरानों से टोकियाते जाते नये लोग और पुरानेपन
दिसंबर, 2022 फुटपाथ के दुकानदार ने सख्त लहजे में कहा “यहाँ से जाओ चाचा, अस्सी रुपये में ये चप्पल नहीं
दिसंबर, 2022 किसी ने एक राजा को बाज के दो बच्चे दिए। बाज के दोनों ही बच्चे बड़े ही शानदार
दिसंबर, 2022 देखा जाए तो वह दोनों आदर्श पति पत्नी थे। उनके दो बेटे थे जो कि पढ़ लिखकर नौकरी
दिसंबर, 2022 छोटा बेटा कर्तव्य अपनी बयासी साल की वृदधा माँ की सेवा को ही अपना धर्म समझता था। “मातृदेवो
दिसम्बर, 2022 1960 में इटली के रोम में ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ था। एक अश्वेत अमरीकी महिला धाविका ने
दिसम्बर, 2022 जीवन में सरल सुखों से बेहतर कुछ भी नहीं है। खास कर जब वे अच्छी यादें वापस लाते
दिसम्बर, 2022 स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन कहा गया है क्योंकि धन कमाने और उसका उपयोग करने के लिए स्वस्थ
दिसम्बर, 2022 वृद्धावस्था जीवन यात्रा का नैसर्गिक व अंतिम पड़ाव होता है। मानव जीवन चक्र चार अलग-अलग अवस्थाओं से गुजरती
दिसम्बर, 2022 वृद्धावस्था ऐसी अवस्था है जिससे लगभग सभी को गुजरना है। इससे निपटने की जो तैयारी रखते हैं वे
दिसम्बर, 2022 चिड़चिड़ापन, झल्लाहट, क्रोध, कहीं मन न लगना, उत्साह की कमी, दूसरों की खुशी के प्रति उदासीन रहना, खिन्नता
वृद्धावस्था में व्यवहार में होने वाले परिवर्तन और उनके कारण Read Post »
सितंबर, 2022 किसी गाँव में एक धनी व्यापारी रहता था। वह भगवान का भक्त था। एक बार कहीं जाते समय
दिलीप कुमार सितंबर, 2022 अचानक फेसबुक पर मुझे टैग की गयी पोस्ट्स पर मेरी नजर पड़ी तो हैरान रह गया।
सितंबर, 2022 किसी ने मुझसे पूछ लिया- “ईमेल के दादाजी कौन है?” मैंने कहा- “अरे इसका भी कोई डी.एन.ए. होता
सितंबर, 2022 देखो रामसिंह! यह पेड़ सूख रहा है इसमें पानी डालो। यहाँ पानी नहीं आ रहा तो मेरे घर
समीर उपाध्याय ‘ललित’ चोटीला, जिला: सुरेंद्रनगर गुजरात सितंबर, 2022 श्रवण- “बड़े भैया, माँ की तबीयत बहुत ख़राब है। बेहोश-सी हो
सितंबर, 2022 गाँव में एक पुराने बरगद की अधिकांश शाखाएँ सूख चुकी थीं। शाखाओं के कोटरों में पक्षी निवास करते
सितंबर, 2022 गहरा सागर प्यार का, मन गागर खुशियाँ भरे। मीठी ठंडी छाँव दे, लोरी से रतियाँ भरे। गोदी में
सितंबर, 2022 हाँ, मैं कोशिश करता हूँ… कभी मिले सफलता या यदि कभी मिले हार पर जीतने की, कोशिश करता
पुष्पा शर्मा, नई दिल्ली सितंबर, 2022 वो मोहताज़ नहीं हैं जवानी के एक दूसरे के प्यार के लिए। ज़िन्दगी में
सितंबर, 2022 पुरुष नार दो तत्व हैं, इस दुनिया के मध्य। एक दूसरे के लिए, दोनों रहें अवध्य।।१।। एक तत्व
सितंबर, 2022 वृद्धों की तुम सेवा करना, कभी न पीछे हटना।-२ वे तो जन्मदाता हैं।- ४ औलाद की खातिर माँ-बाप
सितंबर, 2022 स्थाई: तेरी ही फिक्र करने में, हम अपनी उम्र बिताये। आज मैं बूढ़ी हुई तोss, तू, वृद्धाश्रम छोड़
सितंबर, 2022 आस्था में दम जहाँ है वह कहाता आदमी स्नेह का सरगम जहाँ है वह कहाता आदमी। आदमी भगवान
सितंबर, 2022 तुम्हीं हो ज़िंदगी मेरी, तुम्हीं हो आस्माँ मेरे तुम्हीं ही धाम चारों और, तुम्हीं हो कहकशाँ मेरे गली
सितंबर, 2022 घर में है देवतुल्य बुजुर्ग हमारे चरणों में है चारों धाम … प्यारे सेवा करो सुबहो-शाम प्यारे सेवा
सितंबर, 2022 मात पिता तुम गुरुवर मेरे शत-शत तुम्हें प्रणाम। जो कुछ मेरा सब कुछ तेरा तुमसे ही है रैन
सितंबर, 2022 तुम भी सोचोगे किस्तों में यौवन निकल गया। समय तू कितना बदल गया। बचपन को यौवन देने में,
सितंबर, 2022 जीवन बाँसुरी की धुन पर गीत कोई गाने दो, कंठ मेरे खुल जाने दो। रिश्तों की तुरपाई करते
आओ माँ आओ इस नवरात्रि तुम हे माँ सचमुच में ही आ जाओ इस बार दुराचारियों को अपना विकराल रूप
सितंबर, 2022 ये दुनिया एक खूबसूरत बगीचा है इसमें घूमना जरूरी है। और घूमते घूमते कोई छांव मिल जाए तो
सितंबर, 2022 प्रश्न: मैं 48 वर्षीया विवाहिता हूँ। मेरे पति की आयु 55 वर्ष है। हमारी शादी को 20 वर्ष
सितंबर, 2022 साथियों ‘माँ भारती श्रृंगार दिवस’ ‘धर्म सेवा संस्थान ट्रस्ट रजि.’ की एक महत्वकांक्षी योजना है जिसका शुभारंभ 17
दिए गए आलेख की व्याकरण, वर्तनी, विराम-चिह्न और वाक्य-संरचना संबंधी अशुद्धियों को सुधारकर नीचे प्रस्तुत किया गया है: सितंबर, 2022
सितंबर, 2022 आज हम सबके पास जो चीज़ सबसे कम है, वह है समय। इतने सारे काम 24 घंटे में