किस्सागोई

फरवरी छोटी-खोटी, मरीमरी-सिरफिरी है..?(व्यंग्य)

जून, 2026 अट्ठाबीस दिनी रोचक फ़रवरी है ये? बड़ी सिरफिरी है, ठंड की जाती किरकिरी है। नपा-तुला कैलेंडर है। छोटा

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छन्द और लय

तेरा कर्ज चुकाना कठिन है माँ (मातृत्व दिवस पर विशेष)

जून, 2026 (कवि परिचय: सेवानिवृत अभियंता, साहित्यकार। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में सतत लेखन कार्य। पहले तो बस यही पढ़ा था, ‘म’

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छन्द और लय

स्त्री होने का गर्व

जून, 2026 (कवयत्री परिचय: साझा काव्य संकलनों के अतिरिक्त विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं एवं वैबसाइट में अनवरत प्रकाशन। रचनाओं

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छन्द और लय

उज्जवल भारत के निर्माण में महिलाओं का योगदान

जून, 2026 मेरे बिना कहाँ है संभव, किसी समाज का निर्माण, ये बात और है कि पहले नहीं था किसी

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छन्द और लय

डिजिटल रिश्ते

जून, 2026 (कवयत्री परिचय: अवकाशप्राप्त हिंदी विभागाध्यक्ष, हिंदी, मैथिली एवं अँग्रेजी की साहित्यकार, मैथिली उपन्यास ‘किस्त-किस्त जीवन’ के लिए साहित्य

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आलेख

हृदय रोग: कारण, लक्षण, प्रभाव और रोकथाम (सेहत)

जून, 2026 “पहला सुख निरोगी काया”— यह कहावत आज के आधुनिक युग में सबसे सटीक बैठती है। मानव शरीर एक

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आलेख

राजनीति के पल-पल बदलते समीकरण: चुनावी गणित का जोड़-घटाव

जून, 2026 देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों

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आलेख

वसुन्धरा को हर-भरा रखने में हम वरिष्ठों का प्रयास

जून, 2026 हम बहुत से वरिष्ठजन नियमित रूप से सबेरे के समय मैदान में बैठ आपस मे किसी भी विषय

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किस्सागोई

आरंभ के दर्द को शिद्दत से अनुभव करती है मोहपाश

पुस्तक: मोहपाश जून, 2026 मोह पाश! मोह पाश! मोह पाश! दिल के सागर में भावों का सुनामी ला दिया मोह

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आलेख

साहित्य में बाज़ारवाद: संवेदना, सृजन और उपभोक्तावादी समय का द्वंद्व

जून, 2026 प्रस्तावना मैं यह सोचता हूं कि मनुष्य ने जब पहली बार अपनी अनुभूतियों को शब्द दिए होंगे, तब

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आलेख

साहित्य में बाज़ारवाद: संवेदना और उपभोग के बीच झूलता शब्दलोक

जून, 2026 साहित्य कभी मनुष्य के भीतर की उस नमी का नाम था, जो समय के कठोरतम पत्थरों पर भी

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आलेख

साहित्य में बाज़ारवाद : शब्दों का सौदा या समाज का आईना

जून, 2026 आधुनिक भारत में साहित्य एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ उसकी आत्मा और उसका बाज़ार आमने-सामने दिखाई

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संपादकीय

साहित्य में बाज़ारवाद: धन का स्वरूप और नैतिक दायित्व

बबीता झा जून, 2026 एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक असुर की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे

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किस्सागोई

वीरांगना मैना कुमारी (प्रेरक व्यक्तित्व)

मार्च 2026 (लेखक परिचय: साहित्यकार एवं समाजसेवी। योग और एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ। 13 दर्जन से अधिक मौलिक पुस्तकें, 4 दर्जन से

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किस्सागोई

उत्सव और गले में लटकता कार्ड (व्यंग्य)

मार्च 2026 ऐसी जगहों पर आपका चेहरा नहीं आपके गले में लटकता प्रतिनिधि कार्ड आपके बहुत नहीं तो कुछ ही

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