किस्सागोई

असहाय आक्रोश की अभिव्यक्ति: जूता? (व्यंग्य)

दिसंबर, 2025 अभी हाले हाल कोर्ट में जूता फिंका तो बबाल मच गया, हाय तौबा मच गई? जूता ‘लेदर’ का

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छन्द और लय

याददाश्त (मनोभ्रंश: एक सिसकती ज़िंदगी)

दिसंबर, 2025 (कवयत्री परिचय: विदेश में रहते हुए भी देश की धरती और लोगों से आपका आत्मिक जुड़ाव, डॉक्टर होने

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छन्द और लय

वृद्धावस्था में अकेलापन और पार्क का बेंच

दिसंबर, 2025 पार्क के बेंच पर हर रोज़ घंटों -घंटों तक। दिन के 24 घंटे से लड़ाई करता है। धीरे-धीरे

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छन्द और लय

पंखुड़ी अब खिल गई है

दिसंबर, 2025 (कवि परिचय: शिक्षा से यांत्रिक अभियन्ता, सेवानिवृत आईएसएस एवं आईआरएसएस अधिकारी, वर्तमान में अनेक विभागों में मध्यस्थ (arbitrator)

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आलेख

महिला सशक्तीकरण की नयी मिसाल: खेलों में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी और जीत (समसामयिक)

दिसंबर, 2025 वर्ष 2025 महिला खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल साबित हुआ है। इस एक वर्ष में महिला खिलाड़ियों ने

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आलेख

विलुप्त होती भक्ति साहित्य की धरोहर

दिसंबर, 2025 “हरि अनंत हरि कथा अनंता…” भक्ति साहित्य में जब-जब तुलसीदास जी का नाम लिया जाता है, तब-तब उनके

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